महर्षि पतंजलि की खोज से विश्व में योगक्रांति समाधि सिद्धि ईश्वर प्रणधिनात्: महर्षि पतंजलि आप सब महर्षि पतंजलि के नाम पूर्व परिचित होगे। बाबा रामदेव द्वारा चलाई जाने वाली एक योग संस्था जो कि हरिद्वार में स्थित हैं। लेकिन ये पतंजलि वह संस्था नही बल्कि ऋषि पतंजलि हैं जिन्होंने ने “योगशास्त्र” लिखा था। आज पूरे विश्व में जिस योग की क्रांति हुई , वह ऋषि पतंजलि का ही अविष्कार है। आइये हम सब जानें कि इन्होंने कौन-कौन से योग बताए हैं : महर्षि पतञ्जलि का योगसूत्र महर्षि पतञ्जलि का योगसूत्र, योग दर्शन का मूल ग्रंथ है। यह छः दर्शनों में से एक शास्त्र है और योगशास्त्र का एक ग्रंथ है। योगसूत्र के रचनाकार महर्षि पतञ्जलि हैं। योगसूत्र में चित्त को पूर तरह एकाग्र करके ईश्वर में लीन करने का विधान है। महर्षि पतंजलि के अनुसार चित्त की वृत्तियों को चंचल होने से पूरी तरह रोकना (चित्तवृत्तिनिरोधः) ही योग है। अर्थात मन को यत्र-तत्र भटकने न देना, केवल एक ही वस्तु में स्थिर रखना ही सच्चा योग है। सार-संक्षेप परिचय षड् आस्तिक...
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