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Showing posts from August 30, 2016
मित्रों नमस्कार  आशा है कि आप सभी स्वस्थ्य होगें आज हम बात करेंगें अपनी बुरी आदतों की जैसे मेरी बिरी आदतो मे से एक है दूसरों की  निंदा करना ।ग्रन्थों मे भी लिखा है कि निंदा करना अनुचित कार्यों मे से एक है।हम सब अपने दैनिक जीवन मे निंदा रुपी रस का पान करते रहते हैं।वैसे यह रस बहुत ही स्वादिस्ट हेता है। पर हमे अपनी कमियों पर ध्यान देना चाहिए न कि दूसरों की कमियों पर।  लेकिन अगर हम दूसरों की कमियों से सीखते है तो हगारा नजरिया सही होगा और हम अपने जीव न की दिशा व दशा दोनो को सुधार और निकार सकते हैंं। हम आज ही यह प्रण करते है कि किसी की भी निंदा नही करेंगें।