मित्रों नमस्कार
 आशा है कि आप सभी स्वस्थ्य होगें आज हम बात करेंगें अपनी बुरी आदतों की जैसे मेरी बिरी आदतो मे से एक है दूसरों की  निंदा करना ।ग्रन्थों मे भी लिखा है कि निंदा करना अनुचित कार्यों मे से एक है।हम सब अपने दैनिक जीवन मे निंदा रुपी रस का पान करते रहते हैं।वैसे यह रस बहुत ही स्वादिस्ट हेता है। पर हमे अपनी कमियों पर ध्यान देना चाहिए न कि दूसरों की कमियों पर। 
लेकिन अगर हम दूसरों की कमियों से सीखते है तो हगारा नजरिया सही होगा और हम अपने जीव न की दिशा व दशा दोनो को सुधार और निकार सकते हैंं।
हम आज ही यह प्रण करते है कि किसी की भी निंदा नही करेंगें।

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