देश प्रेम
देश प्रेम नागरिकों का देश प्रेम ही देश के भविष्य की राह प्रशस्त करता है। नागरिकों के सहयोग के बल पर ही कोई राष्ट्र सम्पन्नता के शिखर पर पहुंच सकता है। आज के वर्तमान परिपेक्ष्य में हमें जितने भी राष्ट्र सशक्त और संपन्न दिख रहे हैं, उन सभी का एकमात्र आधार उस देश के नागरिक ही हैं। सांस्कृतिक, आर्थिक व राजनीतिक आदि कई तरह की विषमताएं दुनिया के सभी देशों में व्याप्त हैं पर शायद ही कोई ऐसा देश होगा जहां पर नागरिकों में अपने राष्ट्र के प्रति प्रेम का भाव व उस भाव में एकमतता न हो। जब बात देश की हो या फिर देश हित की हो तो हम सभी को एकमत होकर सिर्फ और सिर्फ देश के हित के लिए समर्पित हो जाना चाहिए। भारत में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिलता है परन्तु सिर्फ मानसिक रूप से ही देश भक्त होने से देश का भला और हमारा भला नहीं हो सकता है। मैं बात करना चाहता हूं जापान की जो क्षेत्रफल में छोटा है पर अपने कार्यों में हमसे कहीं बड़ा है। जापान में प्रथम विश्व युद्ध के पहले से ही लोगों के अन्दर देश प्रेम की भावना भरी ...