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Showing posts from September 20, 2017

तानाशाही प्रवृत्ति की परिवारवादी पार्टी

तानाशाही प्रवृत्ति की परिवारवादी पार्टी दुनिया के सभी देशों में आरम्भ में राजतंत्र रहा है और वर्तमान में भी कुछ देशों में संकेतिक रूप से राजतंत्र की व्यवस्था लागू है। लेकिन जिन देशों ने राजतंत्र को समाप्त करके जनतंत्र की व्यवस्था को अपनाया उन देशों में शायद ही ऐसा कोई देश होगा जहां पर किसी एक परिवार का दबदबा कायम हो। क्यूंकि देश किसी एक परिवार की जागीर नहीं होता है। जिन देशों में तनाशाही की व्यवस्था है सिर्फ वहीं आपको परिवार वाद देखने को मिल सकता है। भारत में आजादी के बाद से ही एक परिवार विशेष का राजनीति में वर्चस्व रहा है। और यह वर्चस्व इतना गहरा रहा है कि उस पार्टी की कमान और सर्वेसर्वा हमेशा से परिवारिक विरासत बन कर रहा गया है। कहने को तो वे स्वयं को लोकतांत्रिक पार्टी कहते हैं पर वास्तव में वह परिवार वाद की परम्परा को आगे बड़ाने वाली पार्टी के अतिरिक्त कुछ नही है। अच्छे और कदावर नेताओं के होने के बावजूद आज उस परिवारवाद की मानसिकता से ग्रसित पार्टी की स्थिति विलुप्त प्राय सी ही गई है। फिर भी उनके मन और मस्तिष्क से वंशवाद का कीडा समाप्त नही हुआ है। उस पार्टी या यूं कहें कि उस ...

रोहिंग्या शरणार्थी

शरणार्थी मामला रोहिंग्या शरणार्थियों का मामला दिन प्रति दिन गम्भीर होता जा रहा है। दुनिया के सभी देश यही चाहते हैं कि इस मामले को हर तरीके से हल किया जाए , ताकि दुनिया भर में मानवाधिकारों को लेकर जो गर्मागर्म माहौल बना हुआ है, उसमें विराम लग सके। रोहिंग्या मुस्लिम समुदाय के साथ जिस तरह की घटनाएं आज सामने आ रही हैं, वे वास्तव में अमानवीय हैं। परन्तु इस मामले में जिस तरीके से भारत सरकार पर देश और दुनिया के लोगों का जो दबाव पड़ रहा है, वह एक विचारणीय बात बन चुकी है। मामला मात्र किसी समुदाय को आश्रय देने तक ही सीमित होता तो शायद अबतक भारत सरकार आपनी सहमति दे चुकी होती। भारत की आन्तरिक और बाहरी समस्याओं पर जब हम ध्यान देते हैं तो शायद इस बात का जवाब हमें मिल जाता है कि भारत ने अभी तक रोहिंग्याओं के लिए अपने दरवाजे नही क्यूं नही खोले ? मेरे विचार से इसके तीन कारण तो स्पष्ट नजर आते हैं। सुरक्षा जिन परिस्थितियों में म्यामार के शान्त बौद्धों को हिंसक होना पड़ा, उन पर भी हमें ध्यान देना होगा और साथ ही देश के अन्दर अनेक पूर्व की आतंकी घटनाओं पर ध्यान दिया जाए तो हमें इस समुदाय के अन...