ब्राह्मण का बेटा
ब्राह्मण का बेटा चन्द्रशेखर पाण्डेय जी बलिया (उत्तर प्रदेश) के छोटे से गांव में रामनगर में रहते हैं। चन्द्रशेखर जी धार्मिक और कर्मकांडी ब्राम्हण हैं। पुरखों से मिली दो एकड़ जमीन से तो जीवन यापन होना मुश्किल है, इसलिए पाण्डेय जी ने पुरोहित का काम करना चालू कर दिया। वे अकसर बताया करते हैं कि उनके दादा जी के पास सत्तर एकड़ जमीन हुआ करती थी, पर अपने उदार स्वभाव के कारण ज्यादातर जमीन जरूरत मंदों को दे दी। पाण्डेय जी के पिता जी हरिशंकर पाण्डेय जी को अपने पिता से ग्यारह एकड़ जमीन मिली पर पत्नी के इलाज में नौ एकड़ जमीन बिक गई और जो बची वो पाण्डेय जी को विरासत में मिली। खैर पाण्डेय जी को इस बात को तनिक भी मलाल नही है कि उनके दादा जी की उदार प्रवृत्ति के कारण उन्हें आज आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है बल्कि उन्हें तो इस बात का फक्र है कि दादा जी ने गरीबों की मदद की। ...