धर्म

    आखिर क्या  धर्म है क्या ? सबके अपने विचार होते हैं। पर मेरा मानना है कि धर्म पुस्तक मे लिखी कोई बात नही होती । धर्म शब्द का वास्तविक अर्थ कर्तव्य़ों से है । व्यक्ति समाज मे जिस पद पर है(पिता, पुत्र, पत्नी आदि) उस का निर्वाह उचित तथा मर्यादित होकर करे, यही उसका धर्म है। यदि आप अपने कर्तव्यों का निर्वाह कर रहे हैं तेो आप धर्म परायण हैं। 
     जरूरी नही कि आप मुझसे सहमत हों ,पर यदि गहनता से विचार किया जाये तो आप मुझसे सहमत हो सकते हैं।       
                                                                                                                     ........धन्यवाद
       03/08/2016   बुधवार

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